आर्टिकल डाउनलोड करें आर्टिकल डाउनलोड करें

वाहन चलाते समय, अगर ऑयल (oil) लाइट जलने लगती है, तो इसका मतलब है इंजिन मे ऑयल प्रैशर कम हो गया है। आपके इंजिन को, अपने सभी घूमने वाले पुर्जों को, लुब्रीकेटेड (lubricated) बनाए रखने के लिए, नियमित रूप से ऑयल की सप्लाइ की ज़रूरत होती है, इसलिए यह आवश्यक है, की वाहन को देर तक, अपर्याप्त ऑयल प्रैशर के साथ न चलने दिया जाए। प्रैशर की उचित सीमा से नीचे, ऑयल के आवश्यक स्तर के बिना, वाहन को चलाते रहने से, आपके इंजिन को बहुत अधिक नुकसान हो सकता है। आपकी ऑयल की लाइट जब पॉप-ऑन करती है, उस समय जल्दी उठाया गया कदम, भविष्य मे होने वाली मरम्मत मे, हजारों रुपयों की बचत करा सकता है।

विधि 1
विधि 1 का 3:

मैकेनिकल (mechanical) नुकसान से बचाव

आर्टिकल डाउनलोड करें
  1. जब आपकी इंजिन ऑयल लाइट ऑन हो जाए तो, वाहन रोकने के लिए तुरंत ही एक सुरक्षित अवसर तलाशें। पुर्जों को लुब्रिकेटेड रखने वाले ऑयल की अपर्याप्त मात्रा के साथ इंजिन चलाते रहने से, इंजिन के अंदरूनी भागों मे, भीषण नुकसान हो सकता है, लेकिन आपका पहला मकसद, आपकी अपनी और आस-पास के लोगों की सुरक्षा, होना चाहिए। जैसे ही आप सुरक्षात्मक तरीके से, सड़क के किनारे आ जाएँ, तो कार बंद कर दें। [१]
    • जैसे ही आपका वाहन सुरक्षा पूर्वक किनारे आ जाए, तो जल्दी से जल्दी उसे ऑफ करें।
    • इंजिन जितना ज़्यादा देर तक कम ऑयल प्रैशर के साथ चलता है, उसके अंदर नुकसान होने की संभावना भी उतनी ही ज़्यादा होती है।
  2. एक बार सुरक्षित रूप से सड़क किनारे होने के बाद, हुड (hood) उठा कर अपने वाहन के इंजिन मे, डिपस्टिक द्वारा, ऑयल के लेवेल को चेक करें। इंजिन बे (bay) मे डिपस्टिक को देख कर बाहर निकाल लें, डिपस्टिक के अंत मे बने इंडिकेटर (indicator) पर लगे हुए ऑयल को कपड़े के टुकड़े या नैपकिन से पोछ लें, फिर डिपस्टिक को वापस उसी ट्यूब मे डाल दें, जिससे यह निकला था। अब डिपस्टिक को फिर से निकालें, और इंडिकेटर पर, ऑयल की मात्रा देखें। [२]
    • देखें कि इंडिकेटर पर, गीले ऑयल की लाइन, कितनी ऊँचाई तक पहुँचती है।
    • “फुल (full)” लाइन के नीचे की प्रत्येक लाइन, इंजिन ऑयल में, एक क्वार्ट (quart) की कमी को दर्शाती है।
    • अगर ऑयल का निशान “full” लाइन के नीचे दूसरी लाइन तक पहुँचता तो इसका मतलब है की इंजिन मे दो क्वार्ट ऑयल कम है।
  3. अगर पहले आपके इंजिन मे ऑयल पर्याप्त था, लेकिन अब लेवेल बहुत ज़्यादा नीचे है, तो इसका मतलब है की, या तो ऑयल वाहन से बाहर टपक गया है या, अंदरूनी लीक के कारण, इंजिन में जल गया है। कार के नीचे, ऑयल लीक के किसी संकेत को देखें। अगर आप देखते हैं की कार के नीचे, इंजिन से ऑयल बूंद-बूंद कर गिर रहा है तो, इसका मतलब है की या तो गैसकेट (gasket) टूट गई है या ऑयल फिल्टर, वाहन मे, ठीक से नहीं लगा हुआ है। [३]
    • सावधान रहें, क्योंकि इंजिन से टपकता हुआ ऑयल, अत्यधिक गरम हो सकता है।
    • अगर आप ऑयल टपकने के कोई लक्षण नहीं देखते हैं, और ऑयल का लेवेल बहुत ज़्यादा नीचे नहीं है, तो हो सकता है, समस्या (प्रॉबलम) ऑयल के कम होने की जगह, ऑयल प्रैशर कम होना हो सकती है।
  4. ऑयल लेवेल नीचे हो तो और ऐड करें और ऑयल लाइट चेक करें: हो सकता है आपकी ऑयल लाइट ऑन हो गई हो, क्योंकि समुचित ऑयल प्रैशर मेनटेन (maintain) करने के लिए, सिस्टम (system) मे पर्याप्त ऑयल नहीं था। ठीक उसी प्रकार का ऑयल खरीदें जैसा वाहन मे पहले से पड़ा है, ऑयल के वेट (5w30, 10w30, इत्यादि) का ध्यान रखें, और डिपस्टिक पर, ऑयल इंडिकेटर को वापस पूरा आने के लिए, पर्याप्त मात्रा मे ऑयल डालें। इंजिन को स्टार्ट करें और देखें की क्या ऑयल लाइट अभी भी ऑन है। [४]
    • अगर ऑयल लाइट ऑफ रहती है, तो इसका मतलब है की इंजिन मे ऑयल कम था। आपको पता करना होगा की ऑयल कहाँ गया, हालाँकि वाहन को आप सावधानी पूर्वक तब तक चला सकते हैं, जब तक इंजिन से ऑयल बहुत तेज़ी से बाहर ना निकलने लगे।
    • अगर ऑयल लाइट फिर से ऑन हो जाती है, तो इंजिन को वापस ऑफ कर दें।
  5. अगर ऑयल लाइट वापस ऑन हो जाती है, तो वाहन को ना चलाये: आपके द्वारा ऑयल डालने के बाद भी, अगर ऑयल लाइट ऑन रहती है, तो इसका मतलब है की मामला ऑयल प्रैशर का है, ना की ऑयल की मात्रा का। ऑयल प्रैशर, ऑयल पम्प द्वारा ऑयल को बल पूर्वक इंजिन मे भेजने से, बनता है। अगर ऑयल पम्प काम करना बन्द कर देता है, तो इंजिन ठीक से ल्यूब्रिकेटेड नहीं होगा और इसे चलाने से नुकसान होगा। [५]
    • अगर ऑयल लाइट ऑन बनी रहती है तो, आपको वाहन को, टो (tow या खिंचवा) कर या तो घर, या मरम्मत सुविधा (रिपेयर फैसिलिटी) तक ले जाना पड़ेगा।
    • जहाँ तक संभव हो ऑयल लाइट के ऑन रहने पर, वाहन को ना चलाए।
विधि 2
विधि 2 का 3:

ऑयल लीकेज को ठीक करना

आर्टिकल डाउनलोड करें
  1. आप जब भी अपने वाहन मे कोई काम या मैंटेनेंस करें, तो यह ज़रूरी है की आप पहले आवश्यक सुरक्षा गियर पहनें। ऑयल लीकेज को चेक करने का मतलब है, की आपको वाहन के नीचे जाना पड़ेगा, जहाँ ऑयल के, आपके ऊपर गिरने की संभावना होगी, इसलिए, आँखों की सुरक्षा बहुत ज़रूरी है। पिंचेस (pinches), स्क्रेप्स (scrapes) या इंजिन बे (bay) की रेडिएंट हीट (radiant heat) से अपने हाथों को बचाने के लिए, आप दस्ताने भी पहनना चुन सकते हैं। [६]
    • आँखों की सुरक्षा के लिए, चश्मा या गौग्ल्स (goggles) का होना, इस प्रोजेक्ट की आवश्यकता है।
    • दस्ताने पहनना अनिवार्य नहीं है, लेकिन आप चाहे तो पहन सकते है।
  2. कार को जैक द्वारा उठाने के पहले हुड को खोल कर, बैटरी को डिस्कनेक्ट करके सुनिश्चित करें की इंजिन किसी भी वजह से स्टार्ट ना हो जब आप वाहन के नीचे हैं। एक हाथ वाली या साकेट (socket) रिंच (wrench) द्वारा, बैटरी पर निगेटिव टर्मिनल से जुड़े, काले ग्राउंड केबल के बोल्ट (bolt) को ढीला कर दें। निगेटिव टर्मिनल की पहचान टर्मिनल पर “NEG” अक्षरों या निगेटिव (-) चिन्ह को देखकर, कर सकते हैं। [७]
    • ग्राउंड केबल को बैटरी के निगेटिव टर्मिनल से हटा कर, बैटरी के किनारे फँसा दें।
    • आपको पोसटिव (positive) टर्मिनल वाले केबल को नहीं हटाना होगा।
  3. अपने वाहन को ऊपर उठाने के लिए जैक लगाएँ, फिर सपोर्ट देने के लिए, जैक स्टैंड्स का प्रयोग करें: ध्यान रहे की कार, ठोस तारकोल की सतह या कोंक्रीट (concrete) पर हो और जैक के प्रयोग से, आप वाहन को उतनी ऊँचाई तक उठाएँ, जो आपको उसके नीचे जाने दे या क्रीपर (creeer) की सहायता से, उसके नीचे सरक कर जाने दे। इसके साथ ही उचित ऊँचाई पर, जैक स्टैंड को कार के नीचे निर्धारित जैकिंग पॉइंट्स मे लगाएँ, जिससे कार का वज़न संभालने मे सपोर्ट मिले। [८]
    • कभी भी ऐसे वाहन का वज़न सपोर्ट करने के किए, जैक का उपयोग ना करें, जिसके नीचे आपको रेंग कर जाना हो।
    • अगर आपको जैक या जैक स्टैंड लगाने के निर्धारित पॉइंट्स निश्चित रूप से पता नहीं हैं तो वाहन स्वामी की मैनुअल को चेक करें।
  4. ऑयल लीकेज के लक्षणों का पता करने के लिए, इंजिन के चारों तरफ, ऊपर और नीचे देखें। संभव है किसी छोटे रिसाव के कारण, समय बीतने के साथ, थोड़ा-थोड़ा ऑयल टपकता हो या फिर रिसाव बड़ा हो, जिसके कारण लीकेज तेजी से हुआ हो। चूँकि ऑयल सिस्टम प्रैशर मे रहता है, इसलिए बड़े लीकेज की वजह से, लीकेज के आस-पास चारों तरफ ऑयल लगा हुआ होगा। [९]
    • अगर आप इंजिन बे (bay) की सतह पर, ऑयल की एक पतली धारा नीचे गिरती देखते हैं, तो लीकेज के पॉइंट को पता करने के लिए, इसको इसके उच्चतम बिन्दु तक फॉलो करें।
    • अगर हर तरफ काफी ज़्यादा ऑयल है इसका मतलब है की संभवतः लीकेज काफी बड़ा है।
  5. सुनिश्चित करें की आप द्वारा खोजा गया फ्लुइड, इंजिन ऑयल ही है: आधुनिक वाहनो के इंजिन मे विभिन्न प्रकार के फ्लुइड होते हैं, और लीकेज पता करने के दौरान, आपको कौन सा फ्लुइड मिला है, यह निश्चित करना कठिन होता है। ऑयल समान्यतः भूरा या काला होता है, जबकि कूलेंट (coolant) ऑरेंज या हरा हो सकता है और विंडशील्ड धोने वाला फ्लुइड, आमतौर पर नीला होता है। हालाँकि, एक बार आपके इंजिन बे (bay) की धूल और गंदगी से मिल जाने के बाद, फ्लुइड के रंग को पहचानना कठिन हो जाता है। इसके रंग का बेहतर अंदाजा लगाने के लिए, सफ़ेद कागज़ के सादे टुकड़े से, थोड़ा सा ऑयल पोछें। [१०]
    • इस प्रोसैस को शुरू करने से पहले, सुनिचित करें की इंजिन ठंडा हो, जिससे की टपकते हुए ऑयल से, जलने से बचा जा सके।
    • ऑयल लीक पता करते समय, भूरे या काले फ्लुइड को ढूँढे।
  6. ऑयल लीक ढूंढते समय, आप शुरुआत, गैसकेट के खराब होने की आम जगहों (common points) से कर सकते हैं। इंजिन्स का निर्माण, मेटल (metal) के कम्पोनेंट्स (components) को आपस मे, बोल्ट्स (bolts) द्वारा, कस कर किया जाता है, लेकिन मेटल के दो टुकड़ों को, आपस में बोल्ट से कसने मात्र से ही सील (seal) नहीं तैयार होती है, जो इंजिन के ऑयल प्रैशर को सहन कर सके। इस वजह से, वाहन निर्माता, इन स्थानों मे सील पैदा करने के लिए, गैसकेट लगाते हैं। अगर गैसकेट खराब होती है, तो ऑयल प्रैशर ऑयल को खराब स्थानों से, बाहर निकलने को बाध्य करेगा और लीकेज बनाएगा। हालाँकि शुरुआत करने के लिए, ये कामन स्थान अच्छी जगह हो सकते हैं, लेकिन यह उन स्थानों की विस्तृत लिस्ट (list) से काफी अलग है जहाँ आपको ऑयल लीक मिल सकती है। [११]
    • उस जगह देखें जहाँ ऑयल पैन (pan), बोल्ट से, इंजिन ब्लॉक (block) के तल से जुड़ा होता है। पैन इंजिन मे सबसे निचला हिस्सा होता है और अपनी जगह, कई बोल्ट्स से कसा रहता है। अपनी उँगली को पैन पर हर तरफ घुमाएँ, यह देखने के लिए, की लीक कहाँ से शुरू हो सकती है।
    • अपने ऑयल पैन पर, ऑयल ड्रेन (drain) प्लग को चेक करें, और सुनिश्चित करें की वह कसा हुआ है तथा ऑयल इससे लीक नहीं हो रहा है।
    • लीक के निशान वहाँ देखें जहाँ सिलिंडर हैड (cylinder head), ब्लॉक (head gasket) से जुड़ता है, तथा जहाँ ढक्कन, सिलिंडर हैड (valve cover) के ऊपर, बोल्ट से कसा रहता है।
    • लीक वहाँ से भी शुरू हो सकती है, जहाँ क्रैंकशैफ्ट (crankshaft), इंजिन ब्लॉक के तल मे, क्रैंक पुली (crank pully) से जुडा होता है।
  7. एक बार जब आप ऑयल लीक के स्थान को जान जाते हैं, तो आपको लीक का बना रहना बंद करने के लिए, सुधार की प्रक्रिया करनी पड़ेगी। लीक के स्थान को देखें, और खराब हुई गैसकेट के ऊपर के कोम्पोनेंट्स निकालें। नई गैसकेट और कोम्पोनेंट्स को यथा स्थान कसने से पहले अगर खराब गैसकेट के कुछ अवशेष हैं तो उसे खरोंच कर निकाल दें। कुछ गैसकेट सरल होती है और उनको निकालना भी आसान होता है, जब की कुछ के लिए, इंजिन को वाहन से उतारने की ज़रूरत पड़ सकती है। अंदाज़ा लगा कर देखें की क्या मरम्मत ऐसी है, जिसे आप खुद कर सकते हैं या नहीं, अन्यथा आपको लीक सुधारने के लिए, व्यावसायिक मिस्त्री की ज़रूरत पड़ेगी। [१२]
    • अगर आप लीक ढूंढ लेते है, लेकिन टूल्स और एक्सपरटाइज़ (expertise या दक्षता) नहीं है, तो वाहन को मैकेनिक के पास ले जाएँ, और जो आपने पता किया है, उनको बता दें।
    • बदली जाने वाली गैसकेट को, आप अपने स्थानीय ऑटो पार्ट्स स्टोर से खरीद सकते हैं।
विधि 3
विधि 3 का 3:

ऑयल प्रैशर के अन्य मामलों का पता करना

आर्टिकल डाउनलोड करें
  1. आखरी बार ऑयल बदलने के बाद अगर काफी लंबा समय बीत चुका है, तो संभव है आपका ऑयल फिल्टर गंदगी से बहुत भर चुका होगा, और ऑयल को, अपने भीतर से भली भाँति ना जाने देता हो। इसका समाधान इंजिन से ऑयल को निकाल कर, फिल्टर को दोबारा लगा कर, और इंजिन मे फिर से नया ऑयल भर कर, करें। अगर पुराने फिल्टर द्वारा ऑयल फ़्लो (flow) ठीक से नहीं हो रहा था तो, नया फिल्टर लगाने के बाद, इंजिन स्टार्ट करने पर, लाइट ऑफ हो जाएगी, और ऑयल प्रैशर वापस सामान्य हो जाएगा। [१३]
    • अगर ऑयल लाइट ऑन नहीं होती है, और ऑयल प्रैशर गेज़ (gauge) सही रीडिंग दिखाता है, तो समस्या का समाधान हो गया है।
    • अगर लाइट ऑन हो जाती है तो, इंजिन को तुरंत ऑफ करें।
  2. अगर इंजिन ऑयल कम है लेकिन लीकेज के लक्षण नहीं है, तो संभव है की इंजिन, ऑयल को जला रहा है। इंजिन के ऑयल को, सिलिंडर मे हवा और ईंधन के मिश्रण के साथ, जलने के लिए, प्रवेश नहीं करना चाहिए, इसलिए ऑयल के इस प्रकार जलने का मतलब है, की आपके इंजिन मे कोई सील (seal) इस हद तक खराब हो चुकी है जिसके कारण ऑयल का रिसाव हो रहा है। वाल्व गाइड और पिस्टन (piston) रिंग (ring) अधिक रिसाव वाले दो कामन स्थान है। अगर यह इस हद तक खराब हो गए हैं की अपने बीच से (through) पर्याप्त ऑयल पार होने दे रहे हैं, तो यह लीक करते हुए सिलिंडर के कंप्रेशन के एमाउण्ट को भी सीमित कर देगा। [१४]
    • एक कंप्रेशन गेज़ (gauge) खरीदें, और इसे पहले सिलिंडर के स्पार्क प्लग वाले छेद मे डाल कर, कंप्रेशन टेस्ट करें। इस काम को प्रत्येक सिलिंडर के साथ दोहराए।
    • गेज की अधिकतम रीडिंग असेस (assess) करने के लिए, एक दोस्त को, इंजिन क्रैंक करने के लिए कहें।
    • अगर एक सिलिंडर दूसरे सिलिंडर्स से कम रीडिंग दिखाता है, तो उस सिलिंडर की रिंग्स या वाल्व सील खराब है। इंजिन को महत्वपूर्ण मरम्मत की ज़रूरत पड़ेगी।
  3. ऑयल प्रैशर भेजने वाली यूनिट को ढूँढे, और इसको पावर (power) देने वाली वायरिंग (wiring) को, डिस्कनेक्ट करें। देखें की क्या इससे आपके वाहन मे ऑयल प्रैशर गेज़ पर कोई प्रभाव पड़ता है। अगर ऐसा नहीं है, तो संभवतः समस्या, समान ऑयल प्रैशर की नहीं है, बल्कि प्रैशर रीडिंग पढ़ने वाले सेंसर की है। [१५]
    • ऑयल प्रैशर भेजने वाली यूनिट का पता करने के लिए अपने वाहन की सर्विस मैनुअल को देखें क्योंकि यह आपके वाहन के मेक और मॉडेल के अनुसार, अलग-अलग जगहों पर हो सकती है।
    • अगर प्रैशर भेजने वाली यूनिट के डिस्कनेक्ट रहते हुए, गेज़ गतिहीन रहता है तो इंजिन ऑयल का प्रैशर, वास्तव मे अच्छा हो सकता है।
  4. तकनीकी रूप से, ऑयल पंप ऑयल प्रैशर नहीं बल्कि फ़्लो बनाते हैं, और यह एक प्रतिरोध (resistance) है, जिसके साथ ऑयल अपने मार्ग पर घूमता है, जिसकी वज़ह से प्रैशर बनता है। इसको ध्यान मे रखते हुए, जानें की एक गड़बड़ ऑयल पंप, इंजिन द्वारा प्रैशर बनाने की क्षमता को, कम कर सकता है। अगर ऑयल पंप को आप खुद बदलना चाहते हैं, तो ध्यान रहे की सही गैसकेट का ही प्रयोग करें वरना आप महत्वपूर्ण ऑयल लीक पैदा कर सकते हैं। एक नए ऑयल पंप को लगाना एक बड़ा काम हो सकता है, इसलिए जब तक आपके पास टूल्स और एक्सपरटाइज़ ना हो, तो सबसे अच्छा होगा की इस काम को प्रॉफेश्नल्स पर छोड़ दें। [१६]
    • अपने पंप मे जब आप ऑयल पिकअप (pickup) ट्यूब लगा रहे हों, तो अपने वाहन वाले, सही इंस्टालेशन (installation) टूल्स का प्रयोग करें। जबरन प्रयास से नुकसान हो सकता है।
    • ऑयल पंप को इंस्टाल करने से पहले, इसमे ऑयल भर दें जिससे यह सुनिश्चित हो जाए की लगने से पहले, इंजिन स्टार्ट होने पर, यह पहले से ही ठीक तरह से प्राइम्ड़ (primed) हुआ हो।

संबंधित लेखों

ड्राइव करें मैनुअल ट्रांसमिशन वाली कार
कार चालू करें (Start a Car)
एक लॉक हुई स्टीरिंग व्हील (steering wheel) को ठीक करें
अपने कार के इंटीरियर को साफ करें (Clean the Interior of Your Car)
ग्लास विंडशील्ड को साफ करें (Clean a Glass Windshield)
पार्किंग लॉट में कार पार्क करें (Park in a Parking Lot)
कार की बैटरी को चार्ज करें (Charge a Car Battery)
कार में स्पार्क प्लग्स चेंज करें (Change Spark Plugs in a Car)
बैटरी के करोडेड (corroded) टर्मिनल को साफ करें
अपने फ्यूल पंप को चेक करें
लीकेज का पता लगाने और उसे ठीक करने के लिए गाड़ी के एसी सिस्टम में डाई एड करें (Add Dye to an AC System)
गीले हुए कार के इंटीरियर को सुखाएँ (Dehumidify a Car)
कार की लेदर की सीट की मरम्मत करें (Repair Leather Car Seats)
गाड़ी की हैडलाइट्स चालू करें (Turn On Headlights)

विकीहाउ के बारे में

सभी लेखकों को यह पृष्ठ बनाने के लिए धन्यवाद दें जो ३,९१७ बार पढ़ा गया है।

यह लेख ने कैसे आपकी मदद की?